DAY 1 – Mathura Main Places
1. Shri Krishna Janmabhoomi

Yahin Bhagwan Krishna ka janm mana jata hai, sabse important place.
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर (Mathura) – महत्वपूर्ण जानकारी
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर भारत के सबसे पवित्र और प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है। यह मंदिर उत्तर प्रदेश के मथुरा शहर में स्थित है और मान्यता है कि यहीं भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। पुराणों और धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, भगवान कृष्ण का जन्म कंस की जेल में हुआ था, और उसी स्थान को आज श्रीकृष्ण जन्मभूमि के रूप में पूजा जाता है।
मंदिर परिसर बहुत बड़ा है और इसमें कई छोटे-छोटे मंदिर भी बने हुए हैं, जैसे केशवदेव मंदिर और गर्भगृह, जहाँ भक्त विशेष रूप से दर्शन करने जाते हैं। जन्मभूमि का गर्भगृह सबसे महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है, क्योंकि यही वह स्थान है जहाँ भगवान कृष्ण के जन्म का प्रतीक स्थल बनाया गया है।
यहाँ रोज़ हजारों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं, लेकिन जन्माष्टमी के समय यहाँ बहुत बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ होती है और पूरा परिसर सजाया जाता है। उस दिन विशेष पूजा, झांकी और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से लोग आते हैं।
सुरक्षा व्यवस्था यहाँ कड़ी रहती है, इसलिए मंदिर में प्रवेश करने से पहले जांच होती है और मोबाइल या कुछ सामान अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होती। दर्शन का समय सुबह से रात तक अलग-अलग स्लॉट में होता है, इसलिए पहले से समय की जानकारी लेना अच्छा रहता है।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, इतिहास और आस्था का भी एक प्रमुख केंद्र है, जहाँ आकर श्रद्धालु गहरी शांति और भक्ति का अनुभव करते हैं।
2. Dwarkadhish Temple

Decoration aur darshan ke liye famous.
द्वारकाधीश मंदिर (Mathura)
द्वारकाधीश मंदिर मथुरा के सबसे प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिरों में से एक है। यह मंदिर भगवान श्रीकृष्ण के द्वारका के राजा रूप, यानी द्वारकाधीश स्वरूप को समर्पित है। मंदिर का निर्माण 19वीं शताब्दी में सेठ गोकुलदास पारीख द्वारा करवाया गया था।
यह मंदिर अपनी सुंदर सजावट, रंग-बिरंगी छतों और आकर्षक वास्तुकला के लिए खास तौर पर जाना जाता है। सावन और जन्माष्टमी के समय यहाँ विशेष सजावट की जाती है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं।
मंदिर के अंदर भगवान कृष्ण की सुंदर मूर्ति विराजमान है और यहाँ रोज़ आरती और भजन होते हैं, जिनमें भक्त बड़ी श्रद्धा से भाग लेते हैं। द्वारकाधीश मंदिर मथुरा के मुख्य बाजार और विश्राम घाट के पास स्थित है, इसलिए यहाँ पहुँचने में भी आसानी रहती है।
यह मंदिर मथुरा आने वाले लगभग हर यात्री की यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
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3. Vishram Ghat

Yamuna aarti dekhna must-see hai.
विश्राम घाट (Mathura) – महत्वपूर्ण जानकारी
विश्राम घाट मथुरा का सबसे प्रसिद्ध और पवित्र घाट माना जाता है। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने कंस का वध करने के बाद यहीं आकर विश्राम किया था, इसलिए इस घाट का नाम “विश्राम घाट” पड़ा। यह घाट यमुना नदी के किनारे स्थित है और धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
यहाँ सुबह और शाम यमुना आरती होती है, जो देखने में बहुत सुंदर और मन को शांति देने वाली होती है। आरती के समय दीपों की रोशनी और भजन-कीर्तन का माहौल भक्तों को विशेष आध्यात्मिक अनुभव देता है।
विश्राम घाट के आसपास कई छोटे मंदिर और बाजार भी हैं, जहाँ श्रद्धालु पूजा-सामग्री और प्रसाद खरीदते हैं। मथुरा आने वाले अधिकांश यात्री यहाँ जरूर आते हैं, क्योंकि यह स्थान धार्मिक आस्था और शांति का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
4. Gita Mandir


Bhagavad Gita ke shlok walls par likhe milte hain.
5. Bhuteshwar Mahadev Temple

Mathura ke prachin Shiv mandiron me se ek.
DAY 2 – Vrindavan Main Places
6. Banke Bihari Temple


Vrindavan ka sabse famous mandir.
बांके बिहारी मंदिर (Vrindavan) – महत्वपूर्ण जानकारी
बांके बिहारी मंदिर वृंदावन का सबसे प्रसिद्ध और प्रमुख मंदिर माना जाता है। यह मंदिर भगवान श्रीकृष्ण के बांके बिहारी स्वरूप को समर्पित है, जो बाल रूप में अत्यंत मनमोहक माने जाते हैं। मंदिर का निर्माण स्वामी हरिदास जी के अनुयायियों द्वारा कराया गया था, जो महान संत और संगीतकार भी थे।
इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि यहाँ दर्शन के समय परदे को बार-बार खोला और बंद किया जाता है। मान्यता है कि भगवान बिहारी जी के दर्शन इतने आकर्षक हैं कि भक्त उनकी ओर खिंच जाते हैं, इसलिए यह परंपरा रखी गई है।
सावन, जन्माष्टमी और होली के समय यहाँ बहुत बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और मंदिर को सुंदर फूलों व सजावट से सजाया जाता है। वृंदावन आने वाले लगभग सभी यात्री बांके बिहारी मंदिर में दर्शन जरूर करते हैं, इसलिए यह स्थान यात्रा का मुख्य केंद्र माना जाता है।
7. Prem Mandir
Night lighting bahut beautiful hoti hai.
प्रेम मंदिर (वृंदावन) – महत्वपूर्ण जानकारी
प्रेम मंदिर वृंदावन का एक अत्यंत सुंदर और प्रसिद्ध मंदिर है, जो भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी को समर्पित है। इस मंदिर का निर्माण जगद्गुरु कृपालु महाराज द्वारा करवाया गया था और यह सफेद संगमरमर से बना हुआ है, जिसकी नक्काशी और कला बहुत आकर्षक मानी जाती है।
मंदिर की सबसे खास बात इसकी शाम की रोशनी और फव्वारों का दृश्य है, जिसमें रंग-बिरंगी लाइटें पूरे परिसर को बेहद मनमोहक बना देती हैं। मंदिर की दीवारों और बाहरी भागों पर भगवान कृष्ण की विभिन्न लीलाओं को मूर्तियों के रूप में दर्शाया गया है, जिन्हें देखने के लिए लोग विशेष रूप से रुकते हैं।
यहाँ का वातावरण साफ-सुथरा और शांत रहता है, इसलिए परिवार और पर्यटक दोनों बड़ी संख्या में आते हैं। वृंदावन आने वाले अधिकांश श्रद्धालु प्रेम मंदिर के दर्शन को अपनी यात्रा का जरूरी हिस्सा मानते हैं।
8. ISKCON Temple

Kirtan aur peaceful environment ke liye famous.
इस्कॉन मंदिर (वृंदावन) – महत्वपूर्ण जानकारी
इस्कॉन मंदिर, जिसे कृष्ण बलराम मंदिर भी कहा जाता है, वृंदावन के सबसे प्रसिद्ध और साफ-सुथरे मंदिरों में से एक है। यह मंदिर इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शसनेस (ISKCON) द्वारा बनवाया गया था और यहाँ देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं।
मंदिर के अंदर भगवान कृष्ण और बलराम की सुंदर मूर्तियाँ स्थापित हैं, साथ ही राधा-श्यामसुंदर के भी दर्शन होते हैं। यहाँ रोज़ भजन-कीर्तन और आरती होती है, जिसमें ढोल-मंजीरे और नृत्य के साथ भक्त बहुत उत्साह से भाग लेते हैं।
इस्कॉन मंदिर का वातावरण बहुत शांत और आध्यात्मिक माना जाता है, इसलिए लोग यहाँ कुछ समय बैठकर ध्यान और भक्ति का अनुभव करना पसंद करते हैं। वृंदावन आने वाले अधिकतर यात्री इस मंदिर के दर्शन जरूर करते हैं, क्योंकि यहाँ का अनुशासन, सफाई और भक्ति का माहौल अलग ही अनुभव देता है।
9. Nidhivan


Raas leela ki kahaniyon ki wajah se famous.
निधिवन (वृंदावन) – महत्वपूर्ण जानकारी
निधिवन वृंदावन का एक रहस्यमयी और अत्यंत पवित्र स्थान माना जाता है। मान्यता है कि यहाँ आज भी रात में भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी रास लीला करते हैं, इसलिए शाम की आरती के बाद इस स्थान को बंद कर दिया जाता है और रात में कोई भी अंदर नहीं रहता।
निधिवन की सबसे अनोखी बात यहाँ के पेड़ हैं, जो सामान्य पेड़ों की तरह सीधे नहीं होते, बल्कि मुड़े और झुके हुए दिखाई देते हैं। लोग मानते हैं कि ये पेड़ गोपियों का रूप हैं, जो रास लीला में भाग लेते हैं।
यहाँ रंग महल नाम का एक स्थान भी है, जहाँ रोज़ रात को प्रसाद और श्रृंगार की वस्तुएँ रखी जाती हैं और सुबह उन्हें बदला हुआ पाया जाता है, जिसे भक्त आस्था से जोड़कर देखते हैं।
वृंदावन आने वाले श्रद्धालु निधिवन जरूर जाते हैं, क्योंकि यह स्थान भक्ति, रहस्य और आस्था का एक अनोखा संगम माना जाता है।
10. Seva Kunj


Shant aur spiritual jagah.
DAY 3 – Govardhan & Nearby
11. Govardhan Parvat

Parikrama ke liye famous.
गोवर्धन पर्वत – महत्वपूर्ण जानकारी
गोवर्धन पर्वत मथुरा-वृंदावन क्षेत्र का एक अत्यंत पवित्र और प्रसिद्ध धार्मिक स्थान है। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र देव के प्रकोप से ब्रजवासियों को बचाने के लिए इसी गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाया था। इस कारण यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है।
यहाँ आने वाले भक्त गोवर्धन परिक्रमा करते हैं, जो लगभग 21 किलोमीटर की मानी जाती है। परिक्रमा के दौरान रास्ते में कई मंदिर, कुंड और घाट आते हैं, जहाँ लोग रुककर दर्शन और पूजा करते हैं।
गोवर्धन के पास राधा कुंड और कुुसुम सरोवर जैसे पवित्र और सुंदर स्थान भी हैं, जिन्हें लोग अपनी यात्रा में शामिल करते हैं।
शांत वातावरण, धार्मिक महत्व और परिक्रमा की परंपरा के कारण गोवर्धन पर्वत मथुरा-वृंदावन आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
12. Radha Kund


Bahut pavitra kund mana jata hai.
13. Kusum Sarovar
Photography ke liye best spot.
14. Barsana – Radha Rani Temple
Lathmar Holi ke liye famous.
बरसाना राधा रानी मंदिर – महत्वपूर्ण जानकारी
बरसाना का राधा रानी मंदिर, जिसे लाड़ली जी मंदिर भी कहा जाता है, उत्तर प्रदेश के बरसाना नगर की पहाड़ी पर स्थित एक अत्यंत प्रसिद्ध और पवित्र मंदिर है। यह मंदिर राधा रानी को समर्पित है और माना जाता है कि बरसाना राधा जी की जन्मभूमि है।
मंदिर तक पहुँचने के लिए सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं, और ऊपर से पूरे बरसाना का सुंदर दृश्य दिखाई देता है। यहाँ साल भर श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन लठमार होली के समय यह स्थान विशेष रूप से प्रसिद्ध हो जाता है और देश-विदेश से लोग इस उत्सव को देखने पहुँचते हैं।
मंदिर के अंदर राधा रानी और श्रीकृष्ण की सुंदर मूर्तियाँ विराजमान हैं, और यहाँ रोज़ आरती तथा भजन-कीर्तन होते हैं। बरसाना आने वाले अधिकतर यात्री राधा रानी मंदिर के दर्शन को अपनी यात्रा का मुख्य भाग मानते हैं, क्योंकि यह स्थान प्रेम और भक्ति का प्रतीक माना जाता है।
15. Nandgaon – Nand Bhavan


Krishna ji ke bachpan se juda place.
15 Aur Jagah (Time Mile To)
16. Rangji Temple
17. Shahji Temple
18. Madan Mohan Temple

19. Kesi Ghat


20. Raman Reti


21. Pagal Baba Temple


22. Birla Mandir

23. Jai Gurudev Temple

24. Chir Ghat

25. Akrur Ghat


26. Surabhi Kund


27. Prem Sarovar


28. Gokul


29. Mahavan

30. Yamuna Aarti Vrindavan


Mathura–Vrindavan ke Aas-Paas Ghumne ki Jagah
Agar 1 aur din ho to log yeh jagah bhi dekhte hain:
- Agra (70 km) – Taj Mahal, Agra Fort
- Bharatpur (50 km) – Keoladeo National Park
- Deeg Palace – Rajasthan ka historic palace
- Govardhan full parikrama route – nature aur temples
- Baldev (Dauji Temple) – Krishna ke bhai Balram ji ka mandir
होली के दिनों में मथुरा–वृंदावन और बरसाना पूरे भारत में सबसे खास माने जाते हैं। यहाँ होली सिर्फ रंग खेलने का त्योहार नहीं, बल्कि कृष्ण–राधा की लीलाओं की परंपरा के रूप में मनाई जाती है, इसलिए लाखों लोग खास तौर पर इन दिनों यहाँ जाते हैं।
बरसाना की लठमार होली – सबसे खास
बरसाना की होली को लठमार होली कहा जाता है। परंपरा के अनुसार नंदगांव के पुरुष बरसाना आते हैं और यहाँ की महिलाएँ उन्हें लाठियों से मारने की रस्म निभाती हैं, जबकि पुरुष ढाल से बचते हैं।
यह परंपरा कृष्ण और राधा की छेड़छाड़ वाली लीलाओं से जुड़ी मानी जाती है।
क्यों खास है:
- ऐसी होली दुनिया में कहीं और नहीं होती
- हजारों लोग इसे देखने आते हैं
- पूरा बरसाना रंग, संगीत और नाच-गाने से भर जाता है
नंदगांव की होली
बरसाना के अगले दिन नंदगांव में होली होती है। यहाँ बरसाना के लोग आते हैं और रंगों के साथ होली खेली जाती है।
यह भी कृष्ण की लीलाओं से जुड़ी परंपरा मानी जाती है।
वृंदावन की फूलों वाली होली

वृंदावन के मंदिरों में फूलों की होली खेली जाती है। इसमें रंग की जगह फूल बरसाए जाते हैं।
बांके बिहारी मंदिर की फूलों की होली बहुत प्रसिद्ध है।
क्यों खास है:
- अलग अनुभव मिलता है
- मंदिर के अंदर भजन और नृत्य होता है
मथुरा की शोभायात्रा और होलिका दहन
मथुरा में होली से पहले शोभायात्रा निकाली जाती है और होलिका दहन बड़े स्तर पर होता है।
पूरे शहर में कई दिनों तक कार्यक्रम चलते हैं।
लोग इतनी दूर से क्यों आते हैं
- यह कृष्ण की नगरी है, इसलिए धार्मिक महत्व बहुत ज्यादा है।
- यहाँ होली एक दिन नहीं, लगभग 7–10 दिन तक अलग-अलग तरीके से मनती है।
- लठमार होली, फूलों की होली और रंगों की होली – तीनों अलग अनुभव मिलते हैं।
- विदेशी पर्यटक भी बड़ी संख्या में आते हैं, इसलिए माहौल बहुत उत्सव जैसा हो जाता है।
FAQs –
1. Mathura Vrindavan ghumne ke liye kitne din chahiye?
Mathura और Vrindavan आराम से घूमने के लिए 2–3 दिन काफी होते हैं। पहले दिन Mathura, दूसरे दिन Vrindavan और तीसरे दिन Govardhan, Barsana या आसपास की जगहें देखी जा सकती हैं।
2. Mathura Vrindavan jane ka best time kya hai?
अक्टूबर से मार्च तक का समय सबसे अच्छा माना जाता है क्योंकि मौसम सुहावना रहता है। होली और जन्माष्टमी के समय यहाँ बहुत भीड़ होती है, लेकिन त्योहार का माहौल देखने लायक होता है।
3. Mathura Vrindavan me sabse famous ghumne ki jagah kaun-si hain?
श्रीकृष्ण जन्मभूमि, द्वारकाधीश मंदिर, बांके बिहारी मंदिर, प्रेम मंदिर, इस्कॉन मंदिर, निधिवन और गोवर्धन पर्वत सबसे ज्यादा प्रसिद्ध जगहों में आते हैं, जहाँ लगभग सभी यात्री जाते हैं।
4. Mathura Vrindavan me Holi kyu famous hai?
यहाँ की होली कृष्ण-राधा की परंपरा से जुड़ी है। बरसाना की लठमार होली, वृंदावन की फूलों की होली और मथुरा की शोभायात्रा देखने के लिए देश-विदेश से लोग आते हैं।
5. Mathura Vrindavan ke aas-paas aur kaha ghum sakte hain?
आसपास Agra (Taj Mahal), Bharatpur Bird Sanctuary, Deeg Palace, Gokul, Nandgaon और Barsana जैसी जगहें भी घूमी जा सकती हैं, जो 1 दिन में कवर हो जाती हैं।

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