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भारत के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक जगन्नाथ मंदिर, ओडिशा के पुरी शहर में स्थित है। यह मंदिर न केवल चार धामों में शामिल है, बल्कि अपने चमत्कारों, रहस्यों और रथ यात्रा के कारण पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है।
अगर आप जगन्नाथ पुरी घूमने की योजना बना रहे हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए Complete Guide है।
📍 जगन्नाथ मंदिर कहाँ स्थित है?
- शहर: पुरी
- राज्य: ओडिशा
- समुद्र: बंगाल की खाड़ी के तट पर
- धार्मिक महत्व: चार धामों में से एक
पुरी एक ऐसा शहर है जहाँ धर्म, समुद्र और संस्कृति—तीनों का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।
🛕 जगन्नाथ मंदिर का इतिहास
जगन्नाथ मंदिर का निर्माण 12वीं शताब्दी में राजा अनंतवर्मन चोडगंग देव द्वारा कराया गया था।
मंदिर कलिंग वास्तुकला शैली में बना है और इसकी ऊँचाई लगभग 214 फीट है।
यहाँ भगवान:
- जगन्नाथ (श्रीकृष्ण)
- बलभद्र
- सुभद्रा
की पूजा की जाती है।
✨ खास बात: यहाँ भगवान की मूर्तियाँ लकड़ी की होती हैं, जिन्हें हर कुछ वर्षों में बदला जाता है—इसे नव कलेवर कहा जाता है।
✨ जगन्नाथ मंदिर के प्रसिद्ध चमत्कार


1️⃣ मंदिर का झंडा हवा के विपरीत लहराता है
2️⃣ सुदर्शन चक्र हर दिशा से सामने दिखता है
3️⃣ मंदिर के ऊपर से कोई पक्षी नहीं उड़ता
4️⃣ मंदिर में प्रवेश करते ही समुद्र की आवाज़ बंद हो जाती है
5️⃣ यहाँ बना महाप्रसाद कभी व्यर्थ नहीं जाता
6️⃣ रसोई में ऊपर रखा बर्तन पहले पकता है
7️⃣ मंदिर के शिखर की छाया नहीं पड़ती
ये चमत्कार आज भी वैज्ञानिकों के लिए रहस्य बने हुए हैं।
📅 जगन्नाथ मंदिर घूमने का सही समय (Best Time to Visit)
✅ सबसे अच्छा समय
अक्टूबर से फरवरी
- मौसम ठंडा और सुहावना
- दर्शन में परेशानी कम
🔥 गर्मी (मार्च–जून)
- तापमान 40°C तक
- दोपहर में दर्शन कठिन
🌧️ मानसून (जुलाई–सितंबर)
- बारिश के कारण यात्रा मुश्किल
- लेकिन रथ यात्रा इसी समय होती है
🚩 रथ यात्रा का समय
- जून–जुलाई
- लाखों श्रद्धालु आते हैं
- होटल बहुत पहले बुक करें
⏰ जगन्नाथ मंदिर दर्शन समय (Darshan Timings)
- सुबह: 5:00 AM से
- रात: 10:00 PM तक
- दिन में अलग-अलग पूजा और भोग समय होते हैं
👉 भीड़ से बचने के लिए:
सुबह 5–7 बजे या रात को दर्शन करें।
🚆 जगन्नाथ पुरी कैसे जाएँ? (How to Reach)
✈️ हवाई मार्ग
- भुवनेश्वर एयरपोर्ट – 60 किमी
- वहाँ से टैक्सी/बस उपलब्ध
🚆 रेल मार्ग
- पुरी रेलवे स्टेशन देश के बड़े शहरों से जुड़ा
🚌 सड़क मार्ग
- भुवनेश्वर, कटक से नियमित बस
- टैक्सी आसानी से मिल जाती है
🏨 पुरी में कहाँ रुकें? (Hotels & Stay)
💰 बजट स्टे
- धर्मशाला
- लॉज
- ₹500–₹1500 प्रति रात
🏨 मिड-रेंज होटल
- ₹2000–₹4000
- मंदिर या बीच के पास
🌊 लग्ज़री होटल
- बीच साइड रिसॉर्ट
- ₹5000+
⚠️ रथ यात्रा में पहले से बुकिंग ज़रूरी
🍛 पुरी में क्या खाएँ? (Food Guide)



🥘 महाप्रसाद (जरूर खाएँ)
- खिचड़ी
- दाल
- सब्ज़ी
- खीर
🍽️ ओडिशा के प्रसिद्ध व्यंजन
- पखाला भात
- छेना पोड़ा
- दालमा
👉 महाप्रसाद मंदिर परिसर में मिलता है।
🚫 जगन्नाथ मंदिर के नियम
- गैर-हिंदुओं को गर्भगृह में प्रवेश नहीं
- मोबाइल, कैमरा अंदर नहीं
- शालीन वस्त्र पहनें
- पंडों से सावधान रहें
🏖️ जगन्नाथ पुरी के पास घूमने की 15 प्रमुख जगहें
1️⃣ पुरी बीच
पुरी बीच जगन्नाथ मंदिर से कुछ ही दूरी पर स्थित है। यहाँ सूर्योदय और सूर्यास्त का दृश्य बेहद मनमोहक होता है। सुबह-सुबह टहलना और शाम को समुद्री हवा का आनंद लेना पर्यटकों को बहुत पसंद आता है।


2️⃣ गुंडिचा मंदिर
इसे मौसी का मंदिर भी कहा जाता है। रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ यहाँ विश्राम करते हैं। यह स्थान धार्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
3️⃣ लोकनाथ मंदिर
यह भगवान शिव को समर्पित एक प्राचीन मंदिर है। मान्यता है कि यहाँ का शिवलिंग हमेशा जलमग्न रहता है।
4️⃣ नरेंद्र तालाब
यह एक पवित्र सरोवर है जहाँ चंदन यात्रा उत्सव मनाया जाता है। शाम के समय यहाँ का दृश्य बहुत शांत और सुंदर होता है।
5️⃣ रामचंडी बीच
यह बीच पुरी शहर की भीड़ से दूर स्थित है। जो लोग शांत और प्राकृतिक जगह पसंद करते हैं, उनके लिए यह परफेक्ट है।
6️⃣ कोणार्क सूर्य मंदिर
पुरी से लगभग 35 किमी दूर स्थित यह मंदिर यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट है। सूर्य देव को समर्पित यह मंदिर अपनी अद्भुत वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है।



7️⃣ चिल्का झील
एशिया की सबसे बड़ी खारे पानी की झील। यहाँ डॉल्फ़िन, प्रवासी पक्षी और बोटिंग का मज़ा लिया जा सकता है।


8️⃣ साक्षी गोपाल मंदिर
यह मंदिर भगवान श्रीकृष्ण की साक्षी देने वाली कथा से जुड़ा हुआ है और श्रद्धालुओं में बहुत आस्था रखता है।
9️⃣ अथरणाला ब्रिज
यह एक प्राचीन पुल है जहाँ से जगन्नाथ मंदिर का पहला दर्शन माना जाता है। ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है।
🔟 अलारनाथ मंदिर
अनवसर काल में भगवान जगन्नाथ की पूजा यहीं होती है। यह स्थान ब्रह्मगिरि क्षेत्र में स्थित है।
1️⃣1️⃣ रघुराजपुर शिल्प गांव
यह गाँव पट्टचित्र कला और पारंपरिक हस्तशिल्प के लिए प्रसिद्ध है। कला प्रेमियों के लिए यह जगह स्वर्ग जैसी है।


1️⃣2️⃣ बलिहारचंडी बीच
कम प्रसिद्ध लेकिन बेहद सुंदर समुद्र तट। यहाँ फोटोग्राफी और शांति दोनों मिलती हैं।
1️⃣3️⃣ मार्कंडेश्वर टैंक
यह एक पवित्र जलकुंड है, जहाँ श्रद्धालु स्नान करके पूजा करते हैं।
1️⃣4️⃣ पिपिली
पुरी–भुवनेश्वर मार्ग पर स्थित पिपिली अपने रंग-बिरंगे एप्लिक वर्क के लिए प्रसिद्ध है। शॉपिंग के लिए बढ़िया जगह है।
1️⃣5️⃣ भुवनेश्वर
पुरी से लगभग 60 किमी दूर ओडिशा की राजधानी। यहाँ लिंगराज मंदिर, उदयगिरि–खंडगिरि गुफाएँ देखने लायक हैं।
🕉️ जगन्नाथ मंदिर का धार्मिक महत्व
- चार धाम यात्रा का मुख्य भाग
- मोक्ष प्राप्ति की मान्यता
- जीवन–मरण चक्र से मुक्ति का स्थान
🔚 निष्कर्ष
जगन्नाथ मंदिर सिर्फ दर्शन स्थल नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव है।
यहाँ आकर व्यक्ति आस्था, शांति और चमत्कारों को खुद महसूस करता है।
अगर आप धार्मिक + ट्रैवल यात्रा करना चाहते हैं, तो जगन्नाथ पुरी आपकी सूची में जरूर होना चाहिए।
Jagannath Mandir ke Chamatkar , Puri Jagannath Temple Rahasya, Itihas & Pauranik Katha.
❓ जगन्नाथ मंदिर – FAQs (7 Points)
1️⃣ जगन्नाथ मंदिर कहाँ स्थित है और इसका धार्मिक महत्व क्या है?
जगन्नाथ मंदिर पुरी, ओडिशा में स्थित है और यह भारत के चार धामों में से एक है। यह मंदिर भगवान जगन्नाथ (श्रीकृष्ण) को समर्पित है और मोक्ष प्राप्ति का प्रमुख तीर्थ माना जाता है। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहाँ दर्शन के लिए आते हैं।
2️⃣ जगन्नाथ पुरी घूमने का सबसे अच्छा समय कौन-सा है?
जगन्नाथ पुरी घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से फरवरी के बीच होता है, जब मौसम ठंडा और सुहावना रहता है। अगर आप रथ यात्रा देखना चाहते हैं, तो जून–जुलाई का समय उपयुक्त है, लेकिन इस दौरान भीड़ बहुत अधिक होती है।
3️⃣ जगन्नाथ मंदिर के दर्शन का समय क्या है और दर्शन शुल्क लगता है क्या?
जगन्नाथ मंदिर सामान्यतः सुबह 5:00 बजे से रात 10:00 बजे तक खुला रहता है।
👉 सामान्य दर्शन पूरी तरह निःशुल्क होते हैं।
विशेष पूजा या सेवा के लिए अलग से शुल्क हो सकता है।
4️⃣ जगन्नाथ मंदिर में कौन-कौन से चमत्कार प्रसिद्ध हैं?
जगन्नाथ मंदिर अपने रहस्यमयी चमत्कारों के लिए जाना जाता है, जैसे:
- मंदिर का ध्वज हवा के विपरीत लहराना
- सुदर्शन चक्र हर दिशा से सामने दिखना
- मंदिर के ऊपर पक्षियों का न उड़ना
- महाप्रसाद कभी व्यर्थ न जाना
ये चमत्कार इसे दुनिया के सबसे रहस्यमयी मंदिरों में शामिल करते हैं।
5️⃣ जगन्नाथ मंदिर का महाप्रसाद क्या है और यह कहाँ मिलता है?
महाप्रसाद वह पवित्र भोजन है जो भगवान को अर्पित करने के बाद भक्तों को दिया जाता है। यह आनंद बाजार में मिलता है और इसे जाति-धर्म के भेदभाव के बिना सभी लोग ग्रहण कर सकते हैं। इसे अत्यंत पवित्र माना जाता है।
6️⃣ जगन्नाथ मंदिर जाने के नियम क्या हैं और क्या ले जाना मना है?
मंदिर में:
- मोबाइल, कैमरा और इलेक्ट्रॉनिक सामान ले जाना मना है
- शालीन वस्त्र पहनना अनिवार्य है
- गैर-हिंदुओं को गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति नहीं है
मंदिर के बाहर लॉकर सुविधा उपलब्ध होती है।
7️⃣ जगन्नाथ पुरी कैसे जाएँ, कहाँ रुकें और क्या-क्या देखें?
पुरी पहुँचना आसान है:
- नज़दीकी एयरपोर्ट: भुवनेश्वर (60 किमी)
- पुरी रेलवे स्टेशन देश के बड़े शहरों से जुड़ा है
रुकने के लिए:
- बजट धर्मशाला
- मिड-रेंज होटल
- बीच साइड रिसॉर्ट
घूमने लायक जगहें:
- पुरी बीच
- गुंडिचा मंदिर
- लोकनाथ मंदिर
- चिल्का झील

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